सीरवी समाज - मुख्य समाचार

##मारवाड़ जंक्शन से 11 किलोमीटर दक्षिण पूर्व में राणावास से 03 किलोमीटर पश्चिम में चौताले का चावा नाम है- गांव गादाणा।
Posted By : 12 Aug 2023, 08:36:16सीरवी गोविंद सिंह पंवार रोबड़

##मारवाड़ जंक्शन से 11 किलोमीटर दक्षिण पूर्व में राणावास से 03 किलोमीटर पश्चिम में चौताले का चावा नाम है- गांव गादाणा।
छत्तीस कौम में लगभग एक हजार घर की आबादी में सीरवी बाहुल्य गांव गादाणा में अन्य जातियों में जैन, राजपुरोहित, देवासी,दर्जी, कुम्हार, कारीगर,रावल,सुनार, मालवीय लौहार, मेघवाल, मीणा,वादी आदि निवास करते हैं।
सीरवी समाज के पंवार, राठौड़,काग,लचेटा,सिन्दड़ा,सेपटा, सोलंकी,चोयल, भायल, गेहलोत,आगलेचा गौत्र के बांडेरु बिलाड़ा पाट की पूजा करते हैं जबकि केवल सैणचा बिजोवा पाट की पूजा करते हैं। कोई समय में दो जमादारी के घरों में दो अलग अलग पाट हुआ करते थे एवं उनकी पूजा अर्चना प्रेम भाव के साथ हो रही थी।आज भी गादाणा गांव के कोटवाल श्री ढगलाराम जी पंवार एक है लेकिन बिलाड़ा पाट जमादारी श्री मदनलाल जी पंवार और बिजोवा पाट जमादारी पीथाराम जी सैणचा है।
आपसी प्रेम भाव के साथ दोनों जमादारी के घर से पाट एक भवन में एक छत के नीचे अलग अलग कमरे में स्थापित कर पूजा अर्चना प्रारंभ कर दी गई।कई बरस इस तरह से प्रेम भाव से बीत गए।
सीरवी समाज गादाणा द्वारा श्वेत मार्बल में भव्य मंदिर बडेर निर्माण की योजना बनाई गई एवं सन् 2006 में सामूहिक शिखर बद्ध मंदिर देखते ही देखते बनना प्रारंभ हुआ और हर परिवार यह सपना लिये अपने गाढ़े पसीने का पैसा देता गया कि अतिशीघ्र हमारे गादाणा में मंदिर की भव्य प्राण प्रतिष्ठा समारोह करवायेंगे और लापसी के प्रसाद को ग्रहण करेंगे। अफसोस यह है कि करोड़ों का मंदिर 2009 में बनकर तैयार हो गया प्राण प्रतिष्ठा का मुहूर्त निकलवा लिया गया लेकिन एक शिखर के नीचे बिलाड़ा और बिजोवा पाट में से एक नहीं दोनों पाट रखे जायें।छोटी बात बड़ी बनती गई दोनों पक्ष में तनाव बढ़ता गया आपसी खाई बढ़ती गई। बिलाड़ा पाट के पूजक लगभग 350 परिवार एवं बिजोवा पाट पूजक लगभग 175 परिवार है आपस में सभी रिश्तेदार बने हुए हैं बिजोवा पाट जमादारी मामा एवं बिलाड़ा पाट जमादारी भाणजा है और सभी समारोह में एक साथ उठते बैठते हैं आते जाते हैं पर बडेर प्राण प्रतिष्ठा में आमने सामने हैं पुरानी बडेर में एक भवन से दोनों पाट भी 2019 से अलग अलग भवन में स्थापित किये जा चुके हैं और इस तरह 2009 से 2023 जा रहा है।
परम आदरणीय धर्म गुरु दीवान साहब माधव सिंह जी एवं बिजोवा पीरों सा भंवरसिंह जी सामूहिक रूप से यह सहमति प्रदान कर सुझाव दिया कि श्री आई माता जी एक ही है आप आपस में समझौता कर चाहो तो बिजोवा पाट गादी की स्थापना बिजोवा पीर जी के कर कमलों से प्राण प्रतिष्ठा सम्पन्न करवा दो एक वर्ष बाद वर्षगांठ पर बिलाड़ा दीवान साहब का बधावा और समारोह हो जायेगा।या केवल बिलाड़ा दीवान साहब के कर कमलों से बिलाड़ा पाट की स्थापना करवा दो, दोनों पाट और दीवान साहब के साथ पीर जी का बधावा कर दो पाट एक मंदिर में एक शिखर के नीचे स्थापना करना उचित नहीं है परन्तु दोनों पक्ष को ये बात अभी तक हज़म नहीं हो रही है। और आपसी तनातनी में युग बीत गया है तथा मंदिर निर्माण प्रारंभ करने वाले अधिकांश इस दुनिया में नहीं रहे हैं अब दीवान साहब माधव सिंह जी ने यह गेंद चौताला के पाले में डाल दी है कि जैसा निर्णय चौताला करे वह सभी को मंजूर होगा। मां श्री आई माताजी से कामना करते हैं कि चौताला शीघ्र हल निकाल कर श्री आई माताजी को नव निर्मित श्वेत मार्बल मंदिर में विराजमान करें।
गादाणा चेलावास गांव के साथ ग्राम पंचायत मुख्यालय है कोई समय में रताराम जी लचेटा सरपंच पद पर रहे वर्तमान में श्री हेमन्त जी सेपटा (बंगलौर) पंचायत समिति सदस्य है आपको मारवाड़ जंक्शन पंचायत समिति के लिए भाजपा से प्रधान पद के लिए टिकट भी जारी हुआ लेकिन भीतर घात से प्रधान पद से वंचित रह गए।आप वर्तमान में भाजपा पाली जिला ओबीसी मोर्चा के जिलाध्यक्ष हैं।
इस गांव से श्री रमेश जी पंवार RAS आबकारी अधिकारी प्रताप गढ़, डाक्टर रमेश जी पंवार जैतारण अस्पताल में अपनी सराहनीय सेवा दे रहे हैं। तेजाराम जी पंवार इंडिगो में पायलट है,सज्जाराम जी सेपटा वरिष्ठ अध्यापक,गमनाराम जी काग,थानाराम जी सैणचा और प्रकाश जी पंवार अध्यापक है, रमेश जी सैणचा मेल नर्स, देवाराम जी सैणचा व मोतीराम जी पंवार पोस्ट मास्टर है। अचलाराम जी पंवार पुलिस कांस्टेबल पद पर कार्यरत हैं।
गादाणा से बंगलौर,चैन्नई, हैदराबाद, सूरत पुणे मुंबई,भरुच अहमदाबाद तथा हरिद्वार में लगभग 400 से 500 के बीच व्यापारिक प्रतिष्ठान हैं। इस गांव का बंगलौर में हेमन्त जी सेपटा पदमश्री गादाणा का बड़ा नाम है आपके अलावा गंगाराम जी सैणचा, मांगीलाल जी भायल एवं वजाराम जी सैणचा भी बंगलौर में अपने गांव का नाम रोशन कर रहे हैं ऐसे ही चैन्नई में वजाराम जी पंवार गांव का नाम रोशन कर रहे हैं। और हैदराबाद में श्री खरताराम जी आगलेचा जुब्ली हिल्स अपने गांव का नाम रोशन कर रहे हैं।
गादाणा गांव के ओरण में अलख जी मंदिर का बड़ा नाम है यहां पर माघ सुदी बीज को विशाल स्तर पर मेला लगता है मालवीय लौहार के शरीर श्री सगताराम जी महाराज के परचे घर घर में गाये जाते हैं एवं 205 वर्ष पूर्व सिन्दड़ा परिवार से सती हुई सती माता नैनी बाई को आज भी पूरा गांव नमन करता है।
भारत देश में रोशन नाम गादाणा पर मां श्री आई माता जी के मंदिर में शीघ्र विराजमान हो इसके लिए शुभ कामनाएं - दीपाराम काग गुड़िया।