सीरवी समाज - ब्लॉग

समाज की विचारधारा :- प्रस्तुति - मोहन लाल सीरवी
Posted By : Posted By seervi on 04 Aug 2019, 05:23:43

🔹समाज सेवक बनना और नाराज होना दोनों चीजें साथ नहीं चल सकती है।
कारण समाज सेवा छोड़ो या नाराज होना छोड़ो...!

🔸मुझे मालूम था इसलिए में नहीं आया?

🔹मेरा फोटो नहीं छपा इस लिए में नही आया

🔸मेरा निमंत्रण पत्रिका में नाम नहीं था इस लिए में नहीं आया

🔹मुझे उसमे कुछ मिलने वाला नहीं था इसलिए में नहीं आया।

🔸मुझे कोई पद नहीं मिला इसलिए में नहीं आया।

🔹मुझे कोई सुनता नहीं है
इसलिए में नहीं आया

🔸मुझे स्टेज पे नहीं बिठाया इसलिए में नहीं आया।

🔹मेरा सम्मान नहीं किया इसलिए में नहीं आया।

🔸मुझे बोलने का मौका नहीं दिया इसलिए में नहीं आया

🔹कमेटी,अध्यक्ष मंत्री मेरे विरोधी है इसलिए में नहीं आया

🔸मेरे विचार सुझाव को बहुमत से उड़ा दीया जाता है इसलिए में नहीं आया।

🔹बार बार आर्थिक बोझ मुझ पर डाल दिया जाता है इसलिए में नहीं आया

🔸सभी काम मुझे सौंपा जाता है इसलिए में नहीं आया।

🔹नेता गण अपनी मनमानी करते है इसलिए में नहीं आया

🔸हिसाब देते नहीं है कोई सुझाव लेते नहीं है इसलिए में नहीं आया।

🔹टाइम नहीं मिल रहा इसलिए में नहीं आया।

🔸वगैरह वगैरह

🔹यह सब क्या है?????

🔸इसलिए हम समाज सेवक बने है..?

🔹समाज सेवा मतलब यह सभी बातो का छोड़ देना
🔸और जो छोड़ दे , वो ही एक अच्छा समाज सेवक.

🔹बाकी समाज सेवा का ढोंग करने वाले गली गली मिलते है

🔸भाई अगर सच्चा कार्य वो ही है जो समाज के हित को सर्वोपरि बना सके

🔹इसलिए कहा है कि समाज सेवा मतलब तलवार की धार पे चलने का कार्य है
और उसमे कोई कायर का काम नहीं *\"

🔸जिंदगी में सघर्ष जरूरी है

🔹इसलिए जो लोग समाज सेवा में अपना मूल्यवान समय दे रहे है उन लोगो को तन मन धन से सहयोग देके
समाज के अच्छे कार्यों को
आगे बढ़ाए...🙏
पदलोलुपता नही रखे सच्ची ओर अच्छी समाज सेवा करे नेतागिरी नही करे

🔸स्वहित नही परहित कार्य करना श्रेष्ठ समाज सेवा है

🔹एक बनो नेक बनो 🌱प्रेरणा पुँज बनो💪

🙏🙏