सीरवी समाज - ब्लॉग

प्रस्तुति ✍️ राजाराम भोलाराम जी बर्फा
Posted By : Posted By Manohar Seervi on 03 Dec 2020, 05:45:27

श्री गणेशाय नमः
जय माता जी री मेरे समाज के सभी प्रिय बंधुओं पिता तुल्य बुजुर्गो और युवाओं मैं आपके समक्ष में मेरे अपने विचार रखने जा रहा हूं कृपया उस पर ध्यान दें और अपने जीवन में बदलाव के लिए अपनी समाज में बदलाव के लिए अपने समाज में विकास के लिए अपने समाज की प्रगति के लिए हमारे धर्म के विस्तार के लिए अपने निजी स्वार्थ से ऊपर उठ कर समाज के कल्याण के लिए दूरदर्शिता का परिचय देते हुए ध्यान देने की कृपा करें मैं एक सामान्य नागरिक क्षत्रिय खराडिया सीरवी समाज का बेटा आपका छोटा भाई आप सभी को जय माता जी री और आप सभी को मेरा दंडवत प्रणाम साहब हमें कुछ बड़ा करने का सोचना चाहिए जब हम कुछ सोचेंगे तो उसका असर अपने मन पर पड़ता है और मन का प्रभाव तन पर पड़ता है और तन और मन का प्रभाव अपने जीवन पर पड़ता है इसके लिए हमें अच्छी सोच रखनी चाहिए समाज के हर व्यक्ति को समाज के लिए कुछ करने का जज्बा रखना चाहिए यह हमारे समाजसेवी रामलाल जी सेणसा गांधीधाम वाले बा साहब ने कहा था वह मुझे बहुत ही अच्छा लगा इसके लिए यह यहां पर प्रयोग किया
*मेरी एक रिक्वेस्ट है कि हम सभी व्यापार करते हैं छोटा-मोटा व्यवसाय करते हैं जिसमें क्या होता है कि हम किसी और कंपनियों द्वारा बनाए हुए प्रोडक्ट या कोई भी वस्तु हम हमारे प्रतिष्ठान बेचते हैं और उससे कमाया गया मुनाफा वह अपने जीवन में अपने आर्थिक दशा दिशा अपने जीवन प्रगति करने के लिए वो काम आता है देखिए जब हम किसी कंपनी द्वारा बनी बनाई हुई वस्तु यह कोई भी प्रोडक्ट को हम बेचते हैं तो उसका बेनिफिट्स जो कंपनी बनाती हैं उनको हमसे बहुत ही ज्यादा मुनाफा मिलता है
मेरा आप सभी से अनुरोध है कि एक बार इस बातों पर थोड़ा ध्यान दें कि हमारा समाज बहुत ही बड़ा विशाल समाज है और हमारा समाज में से ज्यादातर हम सब व्यवसाय करते हैं व्यवसाय में सब यही करते हैं हम किसी और कंपनी की बनाई हुई वस्तु जिसको हम बेचकर मुनाफा कमाते हैं बिजनेस चलाते हैं और अपने परिवार चलाते हैं
हमारा सबसे बड़ा प्लस पॉइंट है कि हमारे पास प्रमोटर है प्रमोटर का मतलब माल बेचने वाले दुकानदार हमारे माल को बेचने के लिए हमारे समाज के बंधु और माल वही बिकता है जो दुकानदार चाहता है जो दुकानदार चाहता है कि यही माल बेचना है वही 80% परसेंट माल बिकता है जब कोई भी कंपनी अपने प्रोडक्ट को मार्केट में उतारती है तो वह दुकानदार के हाथ पैर पकड़ती है साहब हमारे प्रोडक्ट को बेचो साहब हमारे प्रोडक्ट को आप फ्रंट में रखो सामने वाले डिस्प्ले में रखो और हमें थोड़ा बहुत डिस्प्ले का पैसा देखकर इस तरह से वे अपना काम हमारे से करवा लेते हैं


आप से रिक्वेस्ट है कि जो समाज के बुद्धिजीवी है पिता तुल्य बुजुर्ग है समाजसेवी है जो समाज के लिए कुछ करने का जज्बा रखते हैं कुछ समाज के लिए कुछ करने का दम भरते हैं उनसे मेरी हाथ जोड़ कर निवेदन है कि *आप कुछ ऐसा फार्मूला बनाएं कि हमारे समाज की एक बड़ी इंडस्ट्री खड़ी की जाए जिस तरह पतंजलि स्वदेशी कंपनी खड़ी हुई है वैसे ही हमें हमारे सीरवी समाज की कोई भी अच्छा शुभ नाम रखे इंडस्ट्रीज खोल देनी चाहिए और इंडस्ट्री का बना हुआ माल हम सब व्यापारी को रिक्वेस्ट करके समझा के क्या बेनिफिट है वह बता कर और उसको बेचने के लिए हम कहेंगे तो मुझे विश्वास है वे अपनी समाज की बनी हुई कंपनी का माल बेचने के मैं कोई कसर नहीं छोड़ेंगे
आजकल सामान वही बिकता है जो दुकानदार बेचना चाहता है और ज्यादातर दुकानदार हमारे समाज से बिलॉन्ग करते हैं अगर आप को संबोधित करके उनको समझा कर यह बताएं कि आपके द्वारा बेचा गया माल अगर हम हमारी कंपनी का माल जिसे हम कंपनी बनाएंगे और कुछ करेंगे वह सामान बेचेंगे तो उससे कमाया हुआ बेनिफिट्स हमारे समाज में जो बेरोजगार युवा है उनको रोजगार मिलने के लिए काम आएगा उस कंपनी में काम करेंगे और हमारे धर्म के लिए काम आएगा हमारे समाज की एकता के लिए काम आएगा हमारे समाज में स्कूल खोलने के लिए काम आएगा हमारे समाज में हॉस्पिटल खोलने के लिए काम आएगा समाज और अपने जीवन में हर स्तर में उसे कमाएं मुनाफा कम इस्तेमाल कर सकते हैं और समाज के विकास के लिए उसका प्रयोग कर सकते है* मुझे आशा ही नहीं बल्कि पूर्ण विश्वास है अगर इसको जमीनी स्तर पर उतारने का प्रयास करें तो मुझे आशा ही नहीं
बल्कि पूर्ण विश्वास है
कि हम होंगे कामयाब

मान लो तो हार है
और ठान लो तो जीत है

हर चीज संभव है और इस कंपनी से बेचा हुआ जैसे फूड प्रोडक्ट हो गए पानी हो गया बहुत सारे बहुत सारे दाल हो गई आटा तेल खाद्य मसाले मैगी जैसे नूडल्स बहुत सारे असंख्य प्रोडक्ट हैं ऐसे जीने हम आसानी से बेच सकते हैं जिस तरह में पतंजलि का आपको उदाहरण दिया इस प्रकार से कुछ ना कुछ इस विषय में सोचे और कुछ बड़ा करने का सोचे इससे जो भी मुनाफा होगा *हमारे समाज में विधवा हमारे समाज में लावारिस जिसका आगे पीछे कोई नहीं है उनकी शिक्षा के लिए गरीब सामूहिक ब्याव के लिए उससे उस कंपनी से मिला हुआ मुनाफा उनकी आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए हम उपयोग में ले सकते हैं

इसमें एडिशनल कुछ करने की जरूरत नहीं है थोड़ा हम ठंडे दिमाग से सोचेंगे तो जो मैन्युफैक्चरिंग कंपनी अपने से मुनाफा कमा रही हैं वहीं मुनाफा अपनी समाज के विकास के लिए काम में आ सकता है धन्यवाद हुकुम कृपया इस पर जरूर विचार करें मैं आपका छोटा भाई पुनःएक बार दंडवत प्रणाम करते हुए मेरी शब्दों को विराम देता हूं धन्यवाद👏👏👏
आप सभी का छोटा भाई

प्रस्तुति ✍️ राजाराम भोलाराम जी बर्फा खारडीया सीरवी मोकमपुरा जिला पाली राजस्थान
कोरेगांव पार्क पुणे 411 001 महाराष्ट्र
मोबाइल नंबर 97648 24048