सीरवी समाज - मुख्य समाचार

Posted By : 14 Sep 2026, दुर्गाराम पंवार चेतबंदे पत्रिका वरिष्ठ सहायक संपादक बेंगलुरू

*सीरवी समाज के उभरते युवा भजन गायक मयुर सीरवी — भक्ति सुरों से बना रहे अपनी पहचान*
कोणदा/कुक्षी।
*सीरवी समाज के उभरते युवा भजन गायक मयुर सीरवी (भायल) अपनी मधुर आवाज,भक्ति भाव और मनमोहक गायकी के माध्यम से समाज के साथ-साथ आसपास के क्षेत्र में भी अपनी अलग पहचान बना रहे हैं। कम उम्र में संगीत के क्षेत्र में कदम रखने वाले मयुर सीरवी आज निरंतर मेहनत और रियाज के बल पर अपनी गायकी को निखारने में जुटे हुए हैं*।
*संक्षिप्त परिचय*
मयुर भायल सुपुत्र श्री जगदीशजी भायल
श्रीमती लक्ष्मी देवी सीरवी।
मूल निवास:ग्राम कोणदा, तहसील कुक्षी,जिला धार (मध्यप्रदेश)
संगीत शिक्षा:गान्धर्व यूनिवर्सिटी से मध्यमा पूर्ण
*बचपन से ही संगीत के प्रति रुचि*
मयुर सीरवी को बचपन से ही संगीत और भजनों के प्रति गहरी रुचि रही है। मात्र 16 वर्ष की आयु में वे अपने पिताजी के साथ गांव में आयोजित होने वाले भजन कार्यक्रमों में जाने लगे। इन कार्यक्रमों के अनुभव ने उनके भीतर संगीत के प्रति लगाव को और मजबूत किया तथा धीरे-धीरे उन्होंने गायन को अपने जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बना लिया।

*2020 से भजन गायन की शुरुआत*
*भजन गायक के रूप में मयुर सीरवी ने वर्ष 2022* में छोटे-छोटे सत्संग कार्यक्रमों से अपने संगीत सफर की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने लगातार अभ्यास और मेहनत के साथ अपनी गायकी को आगे बढ़ाया। उनका प्रथम लाइव कार्यक्रम उनके अपने गांव कोणदा में आयोजित हुआ, जो उनके संगीत सफर का महत्वपूर्ण पड़ाव रहा।

शुरुआत के बाद उन्होंने आसपास के गांवों में आयोजित होने वाले देसी भजन एवं धार्मिक कार्यक्रमों में अपनी प्रस्तुतियां दीं।इस दौरान उन्हें समाज के लोगों के साथ-साथ सभी वर्गों से भरपूर प्रेम,स्नेह और आशीर्वाद प्राप्त हुआ।

*समाज के बड़े मंचों पर मिली प्रस्तुति का अवसर*
मयुर सीरवी को अपने नजदीकी गांव पिपलाज, भागसूर एवं लोहारी आई माता मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव जैसे धार्मिक आयोजनों में प्रस्तुति देने का अवसर प्राप्त हुआ। इन मंचों पर उनकी भक्ति से ओत-प्रोत प्रस्तुतियों को श्रोताओं ने खूब सराहा।
इसी क्रम में ग्राम सजवानी, जिला बड़वानी में माता जी मंदिर की प्रथम वर्षगांठ के अवसर पर भी उन्हें अपनी गायकी प्रस्तुत करने का अवसर मिला।
वर्ष 2026 में जिला बड़वानी में आयोजित विशाल शिवडोले में भी मयुर सीरवी को अपनी भक्ति प्रस्तुति देने का अवसर प्राप्त हुआ। इस दौरान उन्होंने अपनी मनमोहक प्रस्तुति से श्रद्धालुओं और दर्शकों का खूब मनोरंजन किया तथा खूब रंग जमाया। उनकी गायकी को उपस्थित लोगों ने सराहा।अपनी प्रभावशाली प्रस्तुति के माध्यम से उन्होंने अपने समाज,माता-पिता और अपने गांव का नाम रोशन किया।
*निरंतर रियाज और आगे बढ़ने का संकल्प*
वर्तमान में मयुर सीरवी अपने खाली समय में नियमित रूप से गायन का रियाज कर रहे हैं।उनका मानना है कि संगीत के क्षेत्र में सफलता के लिए निरंतर अभ्यास, मेहनत और सीखने की लगन आवश्यक है।
उन्हें पूर्ण विश्वास है कि आने वाले समय में उन्हें एक प्रोफेशनल भजन कलाकार के रूप में बड़े-बड़े मंचों पर अपनी प्रतिभा प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। वे ईश्वर की कृपा और माता श्री आईमाताजी के आशीर्वाद से अपनी गायकी को निरंतर बेहतर बनाने के लिए प्रयासरत हैं।
चेत बंदे पत्रिका परिवार की ओर से उभरते युवा भजन गायक मयुर सीरवी को हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं। मां श्री आईमाताजी का आशीर्वाद सदैव आप पर बना रहे और आप अपनी मधुर भक्ति गायकी के माध्यम से समाज एवं क्षेत्र का नाम रोशन करते रहें।
— प्रस्तुति: दुर्गाराम पंवार
वरिष्ठ सहायक संपादक, चेत बंदे पत्रिका