सीरवी समाज - मुख्य समाचार

Posted By : 14 Sep 2026 दुर्गाराम पंवार चेतबंदे पत्रिका वरिष्ठ सहायक संपादक बेंगलुरू

*संस्कृति को मंच पर सजाया : प्रथम रनर-अप रही अंजू सीरवी ने जीता दिल*
*मुंबई (कल्याण)।*
_"अंजू परमार ने कहा कि मेरा उद्देश्य फैशन शो में प्रथम स्थान प्राप्त करना नहीं था,मैं केवल इसमें भाग लेकर एक नया अनुभव प्राप्त करना चाहती थी और इस मंच के माध्यम से अपनी सीरवी समाज की व सनातन संस्कृति,परंपरा तथा पारंपरिक वेशभूषा को प्रस्तुत करना चाहती थी।"_
ये शब्द हैं सीरवी समाज की होनहार बिटिया *अंजू परमार* के,जिन्होंने फैशन शो में अपनी सादगी,संस्कृति और आत्मविश्वास से सभी का दिल जीत लिया।
प्रतियोगिता में यद्यपि वे प्रथम विजेता नहीं बन पाईं और *प्रथम उपविजेता (First Runner-Up)* रही, फिर भी यह अनुभव उनके लिए अत्यंत सुखद और यादगार रहा। उनका कहना है कि इस मंच पर अपनी संस्कृति को प्रदर्शित करने का अवसर मिलना ही उनके लिए सबसे बड़ी उपलब्धि है।
*संक्षिप्त परिचय:*
*अंजू परमार सुपुत्री श्री*
*पिता - श्री कोलारामजी*
*श्रीमती सीता सीरवी*
*मूल निवास - गांव गुड़ा एंदला, जिला पाली (राजस्थान)*
*वर्तमान निवास - कल्याण, मुंबई*
*शिक्षा - कक्षा 12वीं (Arts) अध्ययनरत*
*रुचि और लक्ष्य:*
अंजू न केवल पढ़ाई में होशियार हैं,बल्कि कला और संस्कृति से भी गहरा लगाव रखती हैं। वे वर्तमान में 12वीं के साथ-साथ *मराठी और हिंदी भाषा में सेमी क्लासिकल संगीत* सीख रही हैं। खेल में उनकी रुचि *योगा* में है और पहले वे योगा प्रतियोगिताओं में भी भाग लेती रही हैं।
उनका भविष्य का लक्ष्य 12वीं के बाद *शास्त्रीय संगीत में परीक्षा देना,ग्रेजुएशन के बाद संगीत में मास्टर डिग्री* करना और साथ ही *कॉम्पिटिटिव एग्जाम्स की तैयारी* करना है।
अंजू परमार जैसी बेटियां जो फैशन के मंच को भी अपनी सनातन संस्कृति के प्रदर्शन का माध्यम बनाती हैं,वे वास्तव में समाज के लिए प्रेरणा हैं। हार-जीत से बड़ा है आत्मविश्वास के साथ अपनी परंपरा को गर्व के साथ प्रस्तुत करना।
*चेत बंदे पत्रिका परिवार की ओर से होनहार बिटिया अंजू सीरवी को हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं।आप ऐसे ही अपनी संस्कृति,शिक्षा और कला के संगम से समाज का नाम रोशन करती रहें।*
*- प्रस्तुति: दुर्गाराम पंवार, वरिष्ठ सहायक संपादक, चेत बंदे पत्रिका*