
*समाज की होनहार प्रतिभा: कविता गहलोत बनी प्रोफेशनल एंकर* ??
*बेंगलुरु।* आज भी सैकड़ों बेटे-बेटियां सीरवी समाज में एक से बढ़कर एक टेलेंट "रुस्तम" की तरह छुपे हुए हैं। *चेतबंदे पत्रिका परिवार* का उद्देश्य हमेशा रहा है कि ऐसी होनहार प्रतिभाओं को समाज के पटल पर लाकर जन-जन तक उनकी आवाज पहुंचाई जाए।
इसी कड़ी में *गांव - सुपुत्री श्री मोहनलाल जी सीरवी*(मुम्बई मलाड वेस्ट) मूलनिवासी गाँव जीवंद कला(नाडोल के पास)पाली ने अपनी मेहनत और लगन से प्रोफेशनल एंकरिंग के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है।
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*कविता गहलोत - व्यक्तिगत परिचय*
कविता गहलोत सुपुत्री श्री मोहनलाल जी सीरवी।
*आयु:* 22 वर्ष
*शिक्षा:* बी.कॉम - 2024
*पेशा:* प्रोफेशनल एंकर, इवेंट होस्ट एवं पब्लिक स्पीकर
*अनुभव:* 3+ वर्ष | *200+ लाइव इवेंट्स* का सफल मंच संचालन
*खासियत:* हिंदी, अंग्रेजी और मारवाड़ी तीनों भाषाओं पर मजबूत पकड़। हर उम्र के दर्शकों से सीधा जुड़ाव बनाने वाली ऊर्जावान और जोशीली आवाज।
---*शुरुआत और सफर*
बचपन से ही कविता सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में सक्रिय रहीं।
*स्कूल जीवन में:* भाषण प्रतियोगिता, नृत्य,नाटक, सांस्कृतिक कार्यक्रम, स्कूल की स्पोर्ट्स कैप्टन, NCC कैडेट। यहीं से उन्हें *अनुशासन, नेतृत्व और टीमवर्क* के गुण मिले।
*प्रोफेशनल जर्नी:*
19 वर्ष की आयु में बेंगलुरु की एक इवेंट कंपनी से करियर शुरू किया। धीरे-धीरे एंकरिंग पहचान बन गई।
पिछले 3+ वर्षों में पूरे भारत के विभिन्न शहरों में अकेले यात्रा कर *200+ कार्यक्रमों* का मंच संचालन किया।
*कवर किए गए इवेंट्स:* कॉर्पोरेट इवेंट्स, बिजनेस एक्सपो, सेमिनार, वर्कशॉप, सांस्कृतिक कार्यक्रम, मॉल एक्टिवेशन, सामुदायिक कार्यक्रम,बच्चों के कार्यक्रम।
*गर्व का क्षण:* *ICAI के राष्ट्रीय सम्मेलन* में एंकरिंग का अवसर मिला, जो उनके करियर का महत्वपूर्ण पड़ाव रहा।
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*कविता की सोच*
"एंकरिंग का सबसे अच्छा पहलू यह है कि हर इवेंट में नए लोगों से मिलने और कुछ नया सीखने का मौका मिलता है। हर शहर और हर मंच ने जीवन को एक नए नज़रिए से देखना सिखाया है।"---
*परिवार का सहयोग*
जब कविता ने एंकरिंग में करियर बनाने की बात कही तो पिता श्री को शुरू में चिंता थी। उन्होंने कहा "मैं हर महीने 20,000 रुपये दे दूंगा, लेकिन इस क्षेत्र में मत जाओ"।
तब कविता ने कहा: *"आप मुझे पैसे दे सकते हैं, लेकिन अनुभव नहीं। अगर सीखना है और आगे बढ़ना है तो कम्फर्ट ज़ोन से बाहर निकलना होगा। बस मुझे एक साल का समय दीजिए।"*
आज वही पिताजी कविता की सबसे बड़ी ताकत हैं और हर उपलब्धि पर गर्व करते हैं।
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*सामाजिक पहल - Seervi Youth Connect*
युवाओं को एक मंच पर जोड़ने के लिए कविता ने *"Seervi Youth Connect"* की शुरुआत की।
उद्देश्य: युवाओं को नेटवर्किंग, सीखने, नेतृत्व और समाज के लिए सकारात्मक कार्यों से जोड़ना। कविता का मानना है - "युवाओं को सही अवसर और दिशा मिले तो वे समाज में बड़ा बदलाव ला सकते हैं।"---
*कविता का संदेश*
*"सफलता एक दिन में नहीं मिलती। छोटे-छोटे अवसरों से शुरुआत कर,लगातार सीखते हुए और कम्फर्ट ज़ोन से बाहर निकलकर हर व्यक्ति अपने सपने पूरे कर सकता है।"* समाज से अपील
ऐसे होनहार प्रतिभाओं को समाज के हर कार्यक्रम पर अवसर प्रदान करें
*"आवाज से पहचान, मंच से सम्मान"*
*चेतबंदे पत्रिका परिवार, बेंगलूरु* की ओर से कविता गहलोत को इस शानदार उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य की अनंत शुभकामनाएं। समाज की बेटियां ऐसे ही आगे बढ़ें।आपके पिता श्री मोहनजी (झाला) के नाम से स्पोर्ट्स खेल में जाने जाते हैं वॉलीबाल खिलाड़ी के साथ कमेंट्री भी अच्छे करते साथ ही लोगों को अपने शब्दों से हँसाने का बहुत शानदार कार्य करते हैं।
*प्रस्तुति:* दुर्गाराम पंवार
वरिष्ठ सहायक संपादक, चेतबंदे पत्रिका बेंगलूरु|कोयंबत्तूर (आगेवा)