
*आकाश की ऊंचाइयों तक पहुंची सीरवी समाज की बेटी*.
*“सपने देखने वालों के लिए आसमान सीमा नहीं, बल्कि शुरुआत है।”*
*संक्षिप्त परिचय*
मुंबई से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों तक –सीरवी समाज की गौरव, होनहार प्रतिभा श्रीमती सुमन एम.बर्फा सीरवी की प्रेरणादायक यात्रा
श्रीमती सुमन एम. बर्फा,मूल निवास ग्राम पटवा,बेरा इकाली, जैतारण,ब्यावर (राजस्थान)सुपुत्री श्री मंगलारामजी,श्रीमती कमला देवी(सुपौत्री स्व.श्री ओगड़राम जी स्व. श्रीमती गीसी देवी)।आपकी एक बड़ी बहन निर्मा देवी हैं।श्रीमती सुमन बर्फा धर्मपत्नी श्री जितेंद्रजी(सुपुत्र श्री भंवरलाल जी श्रीमती चंपादेवी)ग्राम सींगला,बेरा पंवारों का पातलिया,जैतारण, ब्यावर के निवासी हैं।जो वर्तमान आप कतर एयरवेज में सीनियर लाउंज अटेंडेंट के पद पर हमाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा,दोहा(कतर) में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
*श्रीमती सुमन बर्फा का बचपन से ही सपना था कि मैं कुछ ऐसा करूं जिससे दुनिया को करीब से देख सकूं और अपने समाज,राजस्थान एवं भारत का नाम रोशन कर सकूं। इसी सपने ने विमानन (Aviation) उद्योग की ओर आकर्षित किया।*
चयन के बाद इंडिगो एयरलाइंस के दिल्ली प्रशिक्षण केंद्र में तीन महीने का कठोर एवं व्यापक प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया। इस प्रशिक्षण में यात्रियों की सुरक्षा, आपातकालीन परिस्थितियों का प्रबंधन,प्राथमिक उपचार, ग्राहक सेवा,सुरक्षा प्रक्रियाएं तथा विमान संचालन से संबंधित अनेक महत्वपूर्ण विषयों का प्रशिक्षण दिया गया।
वर्तमान में आपका बेस मुंबई है जो केवल अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन करती हैं।
बहुत से लोग विमानन क्षेत्र को केवल यात्रा और ग्लैमर से जोड़कर देखते हैं,लेकिन वास्तविकता यह है कि यह क्षेत्र अत्यंत जिम्मेदारी वाला है। जब हजारों फीट की ऊंचाई पर विमान उड़ रहा होता है,तब केबिन क्रू की जिम्मेदारी यात्रियों की सुरक्षा,सुविधा और आपातकालीन परिस्थितियों का कुशल प्रबंधन करना होती है। लगभग 42,000 फीट की ऊंचाई पर यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना एक सम्मान के साथ-साथ बड़ी जिम्मेदारी भी है।
पिछले तीन वर्षों में आपने दुनिया के कई खूबसूरत देशों और संस्कृतियों को देखने का अवसर मिला है।निम्न देशों की यात्रा करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है:
✈️ संयुक्त अरब अमीरात (दुबई)
✈️ इंडोनेशिया (बाली)
✈️ थाईलैंड (बैंकॉक और फुकेत)
✈️ यूनाइटेड किंगडम (लंदन और मैनचेस्टर)
✈️ डेनमार्क (कोपेनहेगन)
✈️ नीदरलैंड्स (एम्स्टर्डम)
✈️ कतर (दोहा)
इन यात्राओं ने केवल दुनिया देखने का अवसर ही नहीं दिया, बल्कि विभिन्न संस्कृतियों को समझने,नए लोगों से मिलने और वैश्विक स्तर पर भारत एवं राजस्थान की संस्कृति का प्रतिनिधित्व करने का अवसर भी प्रदान किया।
श्रीमती सुमन बर्फा का कहना है कि समाज की बेटियों को आज के समय अवसरों का समय है। यदि आपके पास सपना, आत्मविश्वास और मेहनत करने का जज्बा है,तो कोई भी क्षेत्र आपके लिए असंभव नहीं है।
अक्सर कहा जाता है कि महिलाएं घर और करियर में से किसी एक को चुनें,लेकिन आज की महिलाएं यह सिद्ध कर रही हैं कि वे घर की जिम्मेदारियों और पेशेवर जीवन दोनों को सफलतापूर्वक संभाल सकती हैं। आवश्यकता केवल परिवार के सहयोग,शिक्षा और आत्मविश्वास की है।
विमानन उद्योग आज तेजी से विकसित हो रहा है और आने वाले वर्षों में इसमें लाखों रोजगार अवसर उत्पन्न होने वाले हैं।यह उद्योग आपको दुनिया देखने,नई संस्कृतियों को समझने,आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने और अपने सपनों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का अवसर देता है।
श्रीमती सुमन बर्फा ने कहा कि राजस्थान के एक छोटे से गांव से निकलकर में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों तक पहुंच सकती हूं, तो हमारे समाज की प्रत्येक बेटी भी अपने सपनों को साकार कर सकती है।
अपने लक्ष्य निर्धारित करें, मेहनत करें,आत्मविश्वास बनाए रखें और खुलकर उड़ान भरें।
आइए हम सब मिलकर अपने समाज,राजस्थान और भारत का नाम विश्वभर में गौरवान्वित करें।
श्रीमती सुमन बर्फा एवं आपके पतिदेव श्री जितेन्द्र जी सीरवी की इस उपलब्धि पर चेतबंदे पत्रिका परिवार की ओर से हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हैं आप दोनों पति पत्नी की मेहनत का फल मां आईजी ने दिया,दोनों खूब प्रगतिशील रहे ओर समाज जनहित में भी इस फील्ड में आप बच्चों को मार्गदर्शन ओर सहयोग जरूर करे।
मां आई माता जी का आशीर्वाद सदैव आप दोनों पर बना रहे।
प्रस्तुति दुर्गाराम पंवार चेतबंदे पत्रिका वरिष्ठ सहायक संपादक बेंगलुरू।