सीरवी समाज - मुख्य समाचार

Posted By : 03 Jun 2026, दुर्गाराम पंवार

*श्री मांगीलाल जी हांबड़ ने शिक्षा के क्षेत्र में दिए 24000/_ हजार रुपए*
सेलम/तमिलनाडु
सरल स्वभाव के धनी,हंसमुख, धार्मिक,शैक्षणिक,सामाजिक सेवा में सदैव तत्पर रहने वाले दानवीर भामाशाह,गौपुत्र, *राजस्थानी प्रवासी संघ सेलम के अध्यक्ष,सीरवी समाज सेलम के पूर्व अध्यक्ष श्री मांगीलाल जी हांबड़ सुपुत्र स्वर्गीय श्री रूपारामजी सीरवी।*
मूलनिवास/गांव देवरिया, जैतारण,ब्यावर,वर्तमान प्रतिष्ठान महालक्ष्मी टेक्सटाइल टॉवर,जिला सेलम,तमिलनाडु ने समाज की तीन होनहार प्रतिभाओं को शिक्षा के क्षेत्र में बढ़ावा हेतु सहयोग के रूप में 24 हजार रूपए की घोषणा कर आज इन प्रतिभाओं के सीधे ऑनलाइन खाते में जमा करवा दिया गया,आपके सुपुत्र श्री दिलीप जी जो एक स्पोर्ट्स मेन के साथ एक दानवीर भामाशाह भी है हमेशा समाज जनहित के लिए तैयार रहते हैं आज आपके सुपुत्र ने तीन प्रतिभाओं को उज्जवल भविष्य शुभकामनाएं भी दी। आदरणीय श्री मांगीलाल जी हांबड़ पालकोड सीरवी समाज का भव्य दिव्य कार्यक्रम जो श्री आईमाता जी की पाट गादी मूर्ति स्थापना के शुभ अवसर पर हमें मिले हमने मात्र आग्रह करने पर मंच पर कहा कि आप शिक्षा,खेल, चिकित्सा व समाज जनहित में राष्ट्रीय सीरवी किसान सेवा समिति अच्छा कार्य कर रही हैं और हमारी तरफ से जरूरत मंद बच्चों के लिए 24 हजार रूपए की घोषणा करता हु तब दीवान साहब ने आशीर्वाद दिया ओर कहा कि श्री मांगीलाल जी हांबड़ सेलम सीरवी समाज में बहुत सालों से सेवाएं प्रदान के साथ समाज के लिए सहयोग में कभी पीछे नहीं रहते हैं जिसने भी समाज के हित में दान के रूप में निवेदन किया तो उनको देकर ही भेजते हैं।बहुत ही दयालु कृपालु इंसान हैं जो सामाजिक स्तर पर कार्य करने में पीछे नहीं रहते न हटते।। ऐसे दानवीर भामाशाह को सेल्यूट वंदन अभिनंदन स्वागत करते हैं। आदरणीय श्री मांगीलाल जी हांबड़ ने कहा कि आगे भी जरूरत पड़ने पर जरूर सहयोग करूंगा क्योंकि शिक्षा में हमारा समाज खूब आगे बढ़े इससे समाज में विकास होगा।।साथ ही शिक्षा से वंचित बच्चों को सहायता प्रदान होने पर उनका परिवार व उनका केरियर भी अच्छे से बन जाता है जिसे उनके परिवारों में खुशीया आएगी। पुनः दानवीर भामाशाह श्री मांगीलाल जी हांबड़ का राष्ट्रीय सीरवी किसान सेवा समिति की समस्त कार्यकारिणी की ओर से हार्दिक आभार धन्यवाद ज्ञापित करते हैं आगे भी सहयोग की अपेक्षा रहेगी। प्रस्तुति दुर्गाराम पंवार कोयंबत्तूर