सीरवी समाज - मुख्य समाचार

Posted By : 06 Mar 2026, दुर्गाराम पंवार

जब तक नारी सक्षम नहीं होगी समाज समृद्ध नहीं हो सकता--श्रीमती अनीता चोयल

सीरवी समाज की इष्ट देवी श्री आई माताजी का जीवन सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय का संदेश देता है। साथ ही धर्मगुरु माधव दीवान साहब जी के आशीर्वाद से समाज मे महिला सशक्तिकरण पर ध्यान दिया जा रहा है। महिलाएं घरेलू भूमिकाओं से निकलकर उद्यम, प्रशासन, शिक्षा और नवाचार के हर क्षेत्र में समाज की महिला आगे आ रही है।
महिला सशक्तिकरण की ओर बढ़ता सीरवी समाज आर्थिक सामाजिक रूप से आत्मनिर्भर बन रहा है।
महिला सम्मान और सशक्तिकरण एक सभ्य राष्ट्र की सच्ची पहचान है। इन्ही विचारों के साथ बड़वानी में महिला दिवस के अवसर पर
सीरवी समाज की मातृशक्ति ने बैठक आयोजित कर समाज के निर्धन जरूरतमंद बच्चों के लिए शिक्षा सहायता कोष पर चर्चा की । महिला सशक्तिकरण हेतु हर महीने की प्रत्येक बीज पर्व पर प्रत्येक परिवार से ₹50 प्रति माह एकत्रित कर आई माताजी के मंदिर में महिला व बच्चों को अनिवार्य रूप से आने हेतु प्रेरित किया गया ।हर माह की बीच पर समाज एकत्रित हो , बच्चों को माताजी के 11 नियमों के बारे में भी बताएं।
महिलाओं व बालिकाओं के कार्यक्रमों समाज के सभी पर्वों को हर्षोल्लास के साथ मनाने के लिए संकल्प लिया। साथ ही महिला मंडल की कार्यकारिणी का गठन किया। जिसमें सर्वसम्मति से (१)श्रीमती सीता पति राजेंद्र मुकाती, अध्यक्ष ,
(२)श्रीमती रूकमा पति श्यामलाल भायल उपाध्यक्ष,
(३) श्रीमती कला पति किशोर बर्फा सचिव,
(४) श्रीमती मंजू पति सुरेश मुकाती कोषाध्यक्ष ,
सदस्य श्रीमती उमाबाई , प्रतिभा संजय मंजू दिनेश, लीला पेमाजी, कविता पति राजू ,भावना पति बाबूलाल, सीता पति राधेश्याम, तुलसा करण, रंजना सचिन, सुमन कान्हा, लक्ष्मी कैलाश, ममता रमेश, राधा मनोहर लाल को सदस्य मनोनीत किया गया।

समाज मे विभिन्न कार्यक्रम, बीज पर्व एकत्रीकरण हेतु निम्नलिखित महिलाओं को नियुक्त किया गया।श्रीमती सुंदर पति शंकर बर्फा, प्रमिला अशोक , ललिता किशोर, सावित्री पन्नालाल, मिनाक्षी जगदीश,चंपा नारायण, झूमाबाई धन्नालाल लाली, बाली बाई, दुर्गा जगदीश, मोनिका श्रीकांत, ममता राकेश,

इस अवसर पर अखिल भारतीय सिर्वी महासभा की केन्द्रीय सदस्य,पुर्व प्रांतीय अध्यक्ष श्रीमती अनीता चोयल , वरिष्ठ समाजसेवी तहसील अध्यक्ष श्रीमती माया मुकाती, कविता कमलेश ,भारती विजय समाज की विभिन्न मातृशक्ति उपस्थित थी।