
??? श्री आई माताजी – मुख्य धाम बढेर, बिलाड़ा ???
? युवाओं हेतु ओजस्वी प्रवचन
विषय: “परिवर्तन के युग में युवा – विनम्रता, विवेक और विजय”
? आई माता की जय! धर्मगुरु दीवान साहब की जय! अखंड केसर ज्योति की जय! ?
1️⃣ भूमिका – युवा ही युग बदलता है
प्रिय युवाशक्ति!
आज का विषय केवल प्रवचन नहीं, एक आह्वान है।
परिवर्तन का युग है… और परिवर्तन का नेतृत्व युवा करते हैं।
समय रुकता नहीं।
जो समय के साथ चला – वही सफल हुआ।
जो समय से टकराया – वह इतिहास बन गया।
शास्त्र कहते हैं –
> “उत्तिष्ठत जाग्रत प्राप्य वरान्निबोधत।”
उठो, जागो, और लक्ष्य प्राप्त करो।
युवा सो गया तो राष्ट्र सो जाएगा।
युवा जाग गया तो इतिहास बदल जाएगा।
2️⃣ परिवर्तन – डर नहीं, अवसर है
आज तकनीक बदल रही है, सोच बदल रही है, समाज बदल रहा है।
पर प्रश्न यह है – क्या हम बदल रहे हैं?
परिवर्तन से डरना नहीं है।
आई माता की अखंड ज्योति हमें सिखाती है –
लौ हर क्षण बदलती है, पर प्रकाश स्थिर रहता है।
युवाओं!
स्वभाव में स्थिरता रखो, पर विचारों में लचीलापन रखो।
3️⃣ सबसे बड़ा शत्रु – अहंकार
युवा जब थोड़ा सफल होता है, तो उसे लगता है –
अब मैं सब जानता हूँ।
यहीं से पतन शुरू होता है।
> जो खुद को पूर्ण समझे, वह सीखना छोड़ देता है।
जो सीखना छोड़ देता है, वह गिरना शुरू कर देता है।
आई माता जी के 11 नियम (बेल) हमें क्या सिखाते हैं?
संयम, सेवा, सत्य, सदाचार।
अहंकार इन सबका शत्रु है।
4️⃣ भीड़ मत बनो – नेतृत्व करो
आज समाज में भीड़ बहुत है, नेतृत्व कम है।
सोशल मीडिया पर शोर है, पर चरित्र नहीं।
युवाओं!
भीड़ में चलना आसान है।
सही राह चुनना साहस मांगता है।
एक दोहा:
> भीड़ जहाँ पर मुड़ गई, सबने वहीं ठिकान।
जो सोच के आगे बढ़े, वही बने इंसान॥
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5️⃣ आदर्श कैसे चुनें?
किसी को केवल प्रसिद्धि से मत चुनो।
देखो –
क्या वह विनम्र है?
क्या वह परिवर्तन स्वीकार करता है?
क्या वह आत्मसुधार करता है?
आई माता का संदेश है –
आदर्श वही जो सत्ता में भी सेवक बना रहे।
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6️⃣ युवाओं की तीन शक्तियाँ
? 1. ऊर्जा
आपके पास जोश है – इसे व्यर्थ मत गंवाओ।
? 2. कल्पना
नए विचार तुम्हारे पास हैं – इन्हें दबाओ मत।
? 3. साहस
गलत के विरुद्ध खड़े होने की ताकत युवाओं में है।
पर यदि ये तीनों अहंकार से जुड़ गए – तो विनाश।
यदि ये तीनों विवेक से जुड़ गए – तो निर्माण।
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7️⃣ गिरावट क्यों आती है?
जब व्यक्ति यह मान लेता है कि वह अटल है।
जब वह सीखना छोड़ देता है।
जब वह चेतावनियों को अनसुना करता है।
इतिहास कहता है –
> जो झुका वही बचा।
जो बदला वही बढ़ा।
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8️⃣ युवाओं के लिए पाँच संकल्प
? 1. प्रतिदिन आत्मचिंतन
? 2. बड़ों का सम्मान
? 3. समय का सदुपयोग
? 4. सेवा का अभ्यास
? 5. अहंकार का त्याग
यदि ये पाँच संकल्प जीवन में आ जाएँ, तो परिवर्तन आपका मित्र बन जाएगा।
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9️⃣ राष्ट्र और समाज के लिए युवा
युवा केवल अपनी नौकरी या करियर के लिए नहीं जीता।
वह समाज की आशा है।
जब युवा गलत दिशा में जाता है –
तो पूरा समाज डगमगा जाता है।
इसलिए याद रखो –
आपका हर निर्णय केवल आपका नहीं, आने वाली पीढ़ियों का भविष्य तय करता है।
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? अखंड ज्योति का अंतिम संदेश
बढेर धाम की ज्योति कहती है –
“मैं जल रही हूँ, तुम भी जलो…
पर प्रकाश देने के लिए, जलाने के लिए नहीं।”
अपने भीतर का अहंकार जलाओ।
अपने भीतर का आलस्य जलाओ।
अपने भीतर का भ्रम जलाओ।
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? समापन – जागो युवा!
प्रिय युवाशक्ति!
समय किसी के लिए नहीं रुकता।
जो स्वयं को सर्वश्रेष्ठ मानता है, समय उसे विनम्र बना देता है।
इसलिए आज संकल्प लो –
हम परिवर्तन को स्वीकार करेंगे।
हम विवेक से आदर्श चुनेंगे।
हम विनम्रता में शक्ति खोजेंगे।
हम आई माता के 11 नियमों को जीवन में उतारेंगे।
> बदलते समय का जो बने सहचर,
वही बने जीवन का सच्चा विजेता।
? आई माता की जय!
? धर्मगुरु दीवान साहब की जय!
? अखंड केसर ज्योति अमर रहे!