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*समाज की होनहार प्रतिभा विमला बर्फा शिक्षा के साथ साथ सांस्कृतिक, लोकनृत्य, रंगोली ,पेंटिंग में भी मास्टर
Posted By : 27 Nov 2021, दुर्गाराम पंवार कोयम्बटूर

*समाज की होनहार प्रतिभा विमला बर्फा शिक्षा के साथ साथ सांस्कृतिक, लोकनृत्य, रंगोली ,पेंटिंग में भी मास्टर।*

बिना काम के मुकाम कैसा?
बिना मेहनत के, दाम कैसा ?
जब तक ना हासिल हो मंजिल,
तो राह में, रही आराम कैसा ?

यह हर उस व्यक्ति के लिए सफलता का बड़ा मूलमंत्र है जो पुरुषार्थ को साथ लेकर दॄढ इरादों से मंजिल की धुन में आगे बढ़ते रहते है। ऐसे व्यक्ति ही जीवन में सफलता को अर्जित करते है और वे अपने सपने को साकार कर जाते है।

*परिचय*
बहुमुखी प्रतिभा की धनी, धीर स्वभाव, मृदुभाषी,दूरद्रष्टा, पेंटिंग की मास्टर,जुनून, दृढ़ इच्छाशक्ति, युवापीढ़ी की रोलमॉडल जिनके संघर्षशील जीवन से शिक्षा लेकर आगे बढ़ने वाली,
*विमला बर्फा माता श्रीमती/कन्यादेवी पिता श्री वक्तारामजी (विक्रमभाई)सीरवी , दादाजी -श्रीपुरारामजी सीरवी जो (कवी,वक्ता, समाजसेवी, भजन गायक), दादीजी- जशीबाई सीरवी है।*

मूलतः गाँव- गुड़ा अखेराज, तहसील- देसूरी, जिला- पाली राजस्थान है।
वर्तमान में
*कर्मभूमि- विसनगर, जिला- महेसाणा ,गुजरात में रह रहे हैं।*
विमला बर्फा एक संयुक्त परिवार से है। बिटियाँ अपने आप को भाग्यशाली मानती है की मुझे इस परिवार में जन्म लिया। पिताश्री एक व्यवसायी व माताजी गृहिणी है। ये तीन भाई बहन है। विमला बर्फा की छोटी बहन ममता सीरवी एक कम्पनी में कार्यरत हैं, उसने भी M.Sc तक शिक्षा प्राप्त की है। व इनका छोटा भाई विशाल सीरवी ने B.Tech किया, व वर्तमान में मल्टीनेशनल कंपनी में कार्यरत हैं। *बिटियाँ विमला वर्तमान में पीएचडी कर रही है विषय बायोटेक्नोलॉजी में। विमला बर्फा 2014 में अपना M.Sc बायोटेक्नोलॉजी (निरमा यूनिवर्सिटी) अहमदाबाद से पूर्ण की। बिटियाँ ने मास्टर के दौरान रिसर्च फील्ड में बहुत से पेपर्स पब्लिश किये है साथ मे बुक भी। विमला बर्फा एक रिसर्च स्कॉलर है, वह समयनिष्ठ और अनुशासनप्रिय भी जिस वजह से विमला बर्फा स्कूल और कॉलेज में भी सभी अध्‍यापको की प्रिय रही है।विमला बर्फा बचपन से ही शिक्षा, सांस्कृतिक विषय में बहुत ही रुचि रखती आई है। पढ़ाई लिखाई के साथ साथ सांस्कृतिक, लोकनृत्य, रंगोली, पेंटिंग में भी रूचि रखती है।*
समाज की लाड़ली प्रतिभा *बिटियाँ विमला बर्फा ने हाल ही दीपावली पर्व पर उनके द्वारा घर के आंगन पर बनाई गई रंगोली के रूप में प्रस्तुत की गई श्री आईमाताजी की प्रतिमा* जो सोशल साइट्स पर सामाजी बन्धुओ ने देख बहुत सारा स्नेह, व आशीर्वाद के रूप में कमेट्स ओर लाइक कर बहुत प्रसंसा जाहिर की। सामाजी बंधुओ ने इस बेटी का ओर अधिक हौशला अफजाई हुआ।जिसे देख बिटियाँ ओर बहुत कुछ पेंटिंग की दुनिया मे काम करने का मन बनाया।
बेटी विमला बर्फा ने सभी सामाजी बंधुओ को बहुत-बहुत धन्यवाद। आभार प्रकट जताया।

*विमला बर्फा को स्कूल और कॉलेजो मे कई पुरस्कार मिल चुके है। इन्होंने 2014 मे M.Sc पूरा करने के बाद academic फील्ड मे जॉब शुरू की थी* । जिसमे 4 साल टीचर की जॉब की जहाँ 11वीं और 12वीं साइंस में बायोलॉजी विषय पढाती थी। फिर *एक साल प्रोफेसर के रूप में बीएससी बायोटेक्नोलॉजी में जेनेटिक इंजीनियरिंग पढाने का इनको मौका मिला*। उसी दौरन बहुत सी परेशानियां आई। कहते हे ना हर सफर के पीछे कहानी होती हे जो उसको अंधेरों से लड़कर उजाले की और ले जाती हे। कुछ ऐसा ही था इनके सफर में भी, लेकिन हर बार की तरह पिताजी की सकारात्मकता, माताजी का प्यार, मित्रों वह भाई बहन का साथ और दादाजी के होंसले ने वापस अपने पैरों पे खड़ा होने की हिम्मत दी । इन सब लोगो ने बिटियाँ का होंसला बढ़ाया दिया की कैसे अपने आप में फिर से वही विश्वास और ज़ज्बात पैदा करे। उतार चढ़ाव ही हमें जीवन में जीने का मतलब सिखाते हे और शायद हम इसी वजह से अपने आप को और बेहतर समझते हे और मजबूत भी बनाते हे। बिटियाँ का विनम्र निवेदन की सामाजी बंधुओं को अपने परिवार की बेटियों को आगे बढ़ने का मौका दे और उनके साथ अन्याय न होने दे। और बहन बेटियों से भी निवेदन हैं कि माँ-बाप व समाज की इज्जत का ख्याल रखे।पिता श्री वक्ताराम जी का नम्बर 9925026196
बिटियाँ विमला वह बर्फा परिवार को चेतबंदे पत्रिका परिवार/सीरवी समाज डॉट कॉम परिवार/राष्ट्रीय सीरवी किसान सेवा समिति परिवार वह सम्पूर्ण सीरवी समाज की तरफ से बहुत बहुत हार्दिक बधाई व उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं देते है।।
प्रस्तुति/दुर्गाराम पंवार।