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प्रवासी राजस्थानी व्यापारियों की ओर से सांसद एवं वरिष्ठ अधिवक्ता श्री पीपी चैधरी ने की पैरवी - पूर्ववर्ती जेडीएस सरकार के ऋण राहत अधिनियम कानून को दी कोर्ट में चुनौती
Posted By : Posted By on 20 Aug 2019, 04:37:06

पूर्ववर्ती जेडीएस सरकार के ऋण राहत अधिनियम कानून को दी कोर्ट में चुनौती, पाॅन बैकर्स की ओर से दायर याचिका को कोर्ट ने विचारार्थ स्वीकारा,मामले को लेकर मुख्यमंत्री से भी मिले सांसद श्री चैधरी

बैंगलोर/पाली। सांसद श्री पी.पी. चैधरी ने आज कर्नाटका हाईकोर्ट में पूर्ववती जेडीएस सरकार के कानून ‘ऋण राहत अधिनियम’ के विरूद्ध बतौर सीनियर अधिवक्ता के रूप में पाॅन बैकर्स एवं ज्वैलर्स एसोसिएषन, बैंगलोर की ओर से पेष हुए। कोर्ट ने सांसद श्री चैधरी की दलीलों को स्वीकार करते हुए दायर याचिकाओं को विचारार्थ स्वीकार कर लिया है। विदित है कि कर्नाटका की पूर्ववर्ती कुमारस्वामी की सरकार ने गरीबों और किसानों को राहत देने के लिए एक अधिनियम पारित किया था जिसके अंतर्गत ऋण देने वाले करीब 14 हजार लाइसेंसी राजस्थानियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। पूर्ववर्ती सरकार के इस कानून के खिलाफ पाॅन बैकर्स एवं ज्वलैर्स एसोसियेषन, कर्नाटक टुमकुर का एक प्रतिनिधिमण्डल महेन्द्र कुमार वैष्णव के नेतृत्व में जोधपुर में पाली सांसद श्री पी.पी. चैधरी से मिला। मामले की गंभीरता एवं राजस्थानी भाईयों के हितों की रक्षा के लिए सांसद श्री चैधरी ने प्रतिनिधिमण्डल को राजनैतिक एवं कानूनी दोनों तौर पर हर संभव मदद का भरोसा दिया। इसी के मद्देनजर आज कर्नाटका हाईकोर्ट में राजस्थानी प्रवासी व्यापारियों की ओर से दायर याचिकाओं पर पैरवी की और उनका पक्ष हाईकोर्ट के समक्ष रखा।

मुख्यमंत्री श्री बीएस येदुरप्पा से मिलकर राजस्थानियों का रखा पक्षः हाईकोर्ट में मामले की पैरवी के बाद सांसद श्री चैधरी ने कर्नाटका मुख्यमंत्री श्री बीएस येदुरप्पा से मुलाकात की। श्री चैधरी ने पूरे मामले की जानकारी मुख्यमंत्री जी के समक्ष रखते हुए बताया कि ऋण राहत अधिनियम के कारण हजारों लाइसेंसी प्रवासी राजस्थानी व्यापारियों के विरूद्ध पूर्ववर्ती जेडीएस सरकार की एकतरफा एवं षड़यंत्रपूर्वक कार्यवाही बताया। मुख्यमंत्री श्री बीएस येदुरप्पा ने सांसद श्री चैधरी को भरोसा दिलाया कि भाजपा सरकार किसी का भी अहित नहीं करेंगी तथा वे इस मामले को व्यक्तिगत रूप से देखकर जल्द ही अधिनियम को पूर्ण रूप से लागू करने से पहले सबके हितों का पूर्ण ध्यान रखेंगी।

बैठक में राजस्थानी प्रवासी व्यापारियों को दिया हर संभव मदद का भरोसाः इसके बाद सांसद श्री चैधरी ने पाॅन ब्रोकर एण्ड ज्वैलर्स एसोसिएषन, टुमकर कर्नाटक की ओर से आयोजित बैठक में सभी प्रवासियों को संबोधित कर उनको आष्वस्त किया कि कर्नाटक की भाजपा सरकार किसी भी व्यापारी का अहित नहीं करेगी और उनके हितों की रक्षा पूरी तरह से होगी। सांसद श्री चैधरी ने कहा कि आज हमारे लिए खुषी की बात है माननीय उच्च न्यायालय कर्नाटका ने भी दायर याचिका को विचारार्थ स्वीकार कर लिया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे हर कदम और हर स्थिति में राजस्थानी प्रवासी भाईयों की मदद करने के लिए राजनैतिक एवं कानूनी रूप में हर समय तत्पर रहेंगे। एसोसियषन के अध्यक्ष श्री महेन्द्र कुमार वैष्णव ने समस्त प्रवासी राजस्थानियों की ओर से सांसद श्री चैधरी को धन्यवाद दिया। अंत में सांसद श्री चैधरी ने इस मामले में सभी प्रवासी राजस्थानियों को एक साथ लाने के लिए एसोसिएषन के सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया।

पाली सांसद ने अपने वादें को निभाया:

कर्नाटका की पूर्ववर्ती कुमारस्वामी की सरकार द्वारा पारित ऋण राहत अधिनियम से पाॅन बैकर्स एवं ज्वैलर्स में भय एवं चिंता का माहौल बना दिया है।। इस कानून के तहत किसी भी प्रकार की गिरवी बदले दिए गए ऋण को पूरी तरह माफ करने के साथ ही जमा गिरवी वस्तु को पूर्ण रूप से लौटाना है। इस स्थिति में ऋण देने वाले चैदह हजार लाइसेंसी राजस्थानियों को करोड़ों का नुकसान होने वाला है। भयभीत प्रवासी राजस्थानी पाॅन बैकर्स एवं ज्वलैर्स के प्रतिनिधिमण्डल ने न्याय की आस में पाली सांसद से मुलाकात की। प्रतिनिधिमण्डल में शामिल कर्नाटक पाॅन बैकर्स एवं ज्वैलर्स एसोसिएषन के अध्यक्ष श्री महेन्द्र कुमार, श्री भंवरलाल, श्री पूनाराम सीरवी सहित अन्य गणमान्य लोगों ने जोधपुर पहुंचकर पाली सांसद श्री पीपी चैधरी के आवास पर मुलाकात कर सारी स्थिति की जानकारी विस्तृत रूप से दी। सांसद श्री चैधरी ने मामले पर गंभीरतापूर्वक विचार करते हुए प्रतिनिधिमण्डल को आष्वस्त किया था कि वे कर्नाटक हाईकोर्ट रिट याचिकाओं की सुनवाई के दौरान वे व्यक्तिगत रूप से मौजूद रहेंगे। साथ ही उन्होंने अपने लंबे वकालत अनुभवों से कानूनी सलाह के द्वारा राजस्थानी प्रवासियों की इस समस्या को वर्तमान कर्नाटक सरकार एवं हाईकोर्ट के सामने रखने का पूरजोर प्रयास करेंगे। अपना वादा निभाते हुए पाली सांसद श्री चैधरी बतौर सीनियर अधिवक्ता के रूप में हाईकोर्ट में इस अधिनियम के विरूद्ध दायर रिट याचिकाओं की पैरवी की।