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   सुहागिनों व कन्याओं ने व्रत रखकर की गणगौर माता की पूजा

मैसूरु। शहर के जनतानगर महदेश्वरा मंदिर परिसर में आस्था, प्रेम व पारिवारिक सौहार्द का उत्सव गणगौर पूजन उत्सव ब़डे धूमधाम से मनाया गया। राजस्थानी परिवारों की महिलाओं व युवतियों ने शिवजी के स्वरूप गण व पार्वती के गौर स्वरुप का पूजन किया गया। सुहागिन महिलाओं ने उपवास रख पति की लंबी उम्र की कामना की। कुंवारी कन्याओं ने अच्छा पति पाने के लिए व्रत रखा। गणगौर विर्सजन के साथ ही पूजा सम्पन्न हुई। मंगलवार को घरों में महिलाओं ने मिट्टी की गणगौर बनाकर उनकी स्थापना की। दूर्वा, पानी के छींटे मारकर गोर गोर गोमती ईशर पूजे पार्वती.... आदि पारम्परिक गीत गाते हुए महिलाओं ने पूरे विधिविधान व आस्था से गणगौर माता का पूजन किया। शिव व पार्वती के इन स्वरूपों को विभिन्न प्रकार के पकवानांे का, विशेषकर आटे से बने फलों (व्यजंन) का भोग लगाया गया। पूजन के बाद गण व गौरी को विश्राम कराया गया। शाम को फिर से महिलाएं पूजा स्थल पर एकत्र हुई तथा ईशर-गणगौर की शोभायात्रा निकाली गई। पारम्परिक गीत गाते हुए महिलाओं ने गणगौर माता को सैर कराई तथा विसर्जन के लिए घाट की ओर चल दीं। विसर्जन से पूर्व घाट पर पहुंचकर महिलाओं व कन्याओं ने लोक गीतों पर नृत्य किया । कार्यक्रम के अंत में सुहाग व परिवार की मंगल कामना करते हुए महिलाओं ने गणगौर माता को विसर्जित किया। इस उत्सव मंे गणकीदेवी, इन्द्रादेवी, भंवरीबाई, कौसल्यादेवी, प्रमिलाबाई, रोशनी देवी, गीता राठौ़ड आदि महिलाएं उपस्थित थीं। यह जानकारी नरेंद्र राठौ़ड ने दी।

Posted By Manohar Seervi Rathore on 21 Mar 2018, 11:01:02