सीरवी समाज - मुख्य समाचार

निम्बेड़ा कलां में नवनिर्मित आईमाता मंदिर में मूर्ति प्रतिष्ठा महोत्सव को लेकर बुधवार को विभिन्न अनुष्ठान हुए
Posted By : Manohar Seervi on 30 May 2019, 06:44:13

रायपुर मारवाड़। निम्बेड़ा कलां में नवनिर्मित आईमाता मंदिर में मूर्ति प्रतिष्ठा महोत्सव को लेकर बुधवार को विभिन्न अनुष्ठान हुए। दोपहर में सीरवी समाज के धर्म गुरु माधवसिंह दीवान का बधावणा कार्यक्रम हुआ। धर्मसभा में दीवान में समाज को प्रगतिशील बनाने के लिए धर्म की राह पर चलने के साथ ही संगठित रहने का आह्वान किया। सुबह नौ कुण्डीय हवन किया गया। जिसमें स्थानीय व प्रवासीबंधुओं ने वैदिक मंत्रोच्चार के संग हवन में आहुतियां दी। दोपहर में धर्मगुरु दीवान का बधावणा हुआ। शोभा यात्रा निकाली गई। जिसकी अगुवानी सजेधजे वस्त्र धारण किए युवतियों ने सिर पर कलश धारण कर की। भक्ति धुनों पर निकली यात्रा में महिलाओं ने मंगल गीत गाए। यात्रा आयोजन स्थल पहुंची। जहां पर धर्मसभा हुई। जिसमें धर्मगुरु दीवान, जती पूना बाबा, जती प्रेमाबाबा ने संबोधित कर धर्म चर्चा की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय व प्रवासीबंधुओं ने हिस्सा लिया।
मुख्य प्रतिष्ठा महोत्सव आज
माता के नवनिर्मित मंदिर में गुरुवार को सवेरे विशेष पूजा अर्चना की जाएगी। इसके बाद विधिविधान के साथ माता के मंदिर में मूर्ति प्रतिष्ठा की जाएगी। दोपहर में महाआरती के बाद प्रसाद वितरण किया जाएगा। महोत्सव के दौरान मंदिर पर हैलिकॉप्टर से पुष्प वर्षा की जाएगी।
ये करेंगे शिरकत
प्रतिष्ठा महोत्सव में पाली सांसद पीपी. चौधरी, जिला प्रमुख पेमाराम सीरवी, सोजत विधायक शोभा चौहान, बीएसएनएल दिल्ली महाप्रबंधक दुर्गाप्रसाद सीरवी, प्रदेश कांग्रेस सहवृत सदस्य संगीता आर्य, यूआईटी अलवर सचिव कानाराम सीरवी, जोधपुर मुख्य वन संरक्षक उमाराम सानपुरा, जैतारण पूर्व प्रधान मल्लाराम सीरवी, सीरवी महासभा अध्यक्ष धन्नाराम लालावत, सीरवी समाज महासभा तमिलनाडू अध्यक्ष भंवरलाल सोलंकी, सीरवी समाज विकास समिति अध्यक्ष नारायणलाल सीरवी, पगरना समिति अध्यक्ष ऊर्जाराम सीरवी सहित देश के विभिन्न क्षेत्रों में विविध पदों पर आसीन सीरवी समाज के लोग शिरकत करेंगे।
गेर नर्तकों ने की अगवानी
धर्म गुरु के बधावणा कार्यक्रम के दौरान निकली शोभा यात्रा की समाज के गेर नर्तकों ने गेर नृत्य करते हुए अगवानी की। चंग की थाप व घुंघरू की झनकार पर नर्तक जमकर झूमे। इस मौके पर आई माता की वेल का पूजन भी किया गया।