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मिस राजस्थान-2018\\\' की कंटेस्टेंट आकांक्षा सिरवी ने कहा कि ब्यूटी पेजेंट के मंच तक आने के लिए खूबसूरती को एक बड़ा पैरामीटर माना जाता है।
Posted By : Manohar Seervi Rathore on 02 Aug 2018, 04:55:42
जयपुर / अरावली की पहाड़ियों के बीच ट्रेडिशनल आउटफिट्स में मॉडल्स ने हैरिटेज फोटोशूट कराया। मौका था \\\'मिस राजस्थान-2018\\\' के प्री फोटोशूट का। 13 अगस्त को बिड़ला ऑडिटोरियम में \\\'मिस राजस्थान-2018\\\' का ग्रांड फिनाले होगा। इससे पहले इस ब्यूटी पेजेंट को प्रमोट करने के लिए बुधवार को घाट की गूणी स्थित विद्याधर जी के बाग में हैरिटेज फोटोशूट रखा गया।
सोसायटी की रूढ़िवादी सोच, पड़ोसियों के तानों को पीछे छोड़ अपने सपनों को रंग देने राजस्थान के कोने-कोने से गर्ल्स ब्यूटी पेजेंट का क्राउन जीतने के सफर में निकल चुकी हैं। 1400 गर्ल्स में 28 फाइनलिस्ट अपने मुकाम के काफी करीब तो पहुंच चुकी हैं पर इस मुकाम तक पहुंचे के लिए उन्हें पथरीले रास्तों का सामना करना पड़ा है।
13 अगस्त को बिड़ला ऑडिटोरियम में होगा ग्रांड फिनाले
सोरायसिस को हरा कर ब्यूटी पेजेंट के मंच तक पहुंचने का हौंसला
गवर्नमेंट जॉब को दांव पर लगाया
शिक्षा विभाग में बतौर एलडीसी काम करने वाली महिमा शर्मा ने इस ब्यूटी पेजेंट के लिए अपनी गवर्नमेंट जॉब को दांव पर लगा दिया। उन्होंने कहा कि 3 साल पहले मैंने पिता को खो दिया, कभी उनसे अपने सपनों को साझा नहीं कर पाई। पिता के जाने के बाद मां को अपने ड्रीम के बारे में बताया। रिश्तेदारों ने मेरे इस ड्रीम को जानने के बाद मां को काफी रोका-टोका। जॉब और ड्रीम में किसी एक को चुनने को बोला जाए तो मैं अपने सपनों को चुनूंगी।
\\\'मिस राजस्थान-2018\\\' की कंटेस्टेंट आकांक्षा सिरवी ने कहा कि ब्यूटी पेजेंट के मंच तक आने के लिए खूबसूरती को एक बड़ा पैरामीटर माना जाता है। मैं भी बचपन से इस खिताब को पाने की ललक रखती थी पर जिंदगी में संघर्षों ने जैसे मुझसे रिश्ता ही जोड़ लिया हो। सिरवी जाति में अधिकतर लड़कियों का बाल विवाह कर दिया जाता है। मैं पिता के सपोर्ट से इस कुरीति से बच गई। उन्होंने मुझे शिक्षित करने पर सहमति जताई पर मॉडलिंग की दुनिया में सपोर्ट करने से पीछे हट गए। मुझे कुछ साल पहले सोरायसिस ने गिरफ्त में लिया और मेरी पूरी स्किन डैमेज हो गई। बीएससी फर्स्ट ईयर में मुझे फेल घोषित कर दिया गया। उस वक्त सबने मेरे घरवालों को ताने दिए, लेकिन मैंने पैरेंट्स को विश्वास दिलाया कि मिस राजस्थान में कंटेस्टेंट बनना उनके लिए शर्म की नहीं गर्व की बात होगी। आज सबसे ज्यादा वेटिंग वही लोग कर रहे हैं, जो कभी ये कहते थे कि लड़की गलत रास्ते पर निकल पड़ी है।
हिजाब की दुनिया से बाहर बनाई पहचान
बीकॉम की पढ़ाई कर चुकी तबस्सुम ने कहा कि हमारी कम्यूनिटी में लड़कियों को किसी भी तरह की आजादी नहीं है। मेरे जीन्स पहनने तक पर लोगों के ताने मिला करते थे। आस-पड़ोस के लोग मेरे घर वालों को हर दिन मुफ्त का ज्ञान देते कि आपकी लड़की गलत रास्तों पर चल रही, उसका ड्रेसिंग सेंस ऐसा है, वैसा है। मेरे पापा भी काफी रूढ़िवादी व्यक्ति थे, लेकिन मम्मी ने मेरे भविष्य के लिए पापा की सोच बदली जिससे मैं आगे बढ़ सकूं।